दशम भावस्थ चंद्रमा
कई लोगों का प्रश्न है कि चंद्रमा दशम भाव में हो तो ऐसा जातक अवसर गंवा देता है या बनते काम बिगाड़ लेता है यह बात पूरी तरह सही नहीं है लेकिन इसमें थोड़ा सा सच जरूर छिपा है।।दशम भाव हमारे काम, करियर, प्रतिष्ठा और समाज में हमारी पहचान से जुड़ा होता है।।वहीं चंद्रमा हमारे मन और भावनाओं का कारक है।।जब चंद्रमा इस भाव में आता है तो एक सीधी सी बात बनती है कि ऐसा व्यक्ति अपने काम को मन से करता है।।अब यहीं से कहानी शुरू होती है।।चंद्रमा बहुत जल्दी बदलने वाला ग्रह है अतः जैसे चंद्रमा रोज अपना रूप बदलता है, वैसे ही इस व्यक्ति का मन भी जल्दी-जल्दी बदल सकता है।। कभी बहुत उत्साह आता है तो कभी अचानक मन हट जाता है।।इसी वजह से कई बार वह अच्छा मौका होते हुए भी उसे पकड़ नहीं पाता।।बाहर से देखने वाले को लगता है कि यह व्यक्ति मौका गंवा रहा है या अपने ही काम को बिगाड़ रहा है।। लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और होती है असल में उस समय उसका मन तैयार नहीं होता।।मान लीजिए किसी को अच्छा काम मिला लेकिन अंदर से डर है या मन में शक है या संतोष नहीं है तो वह व्यक्ति खुद ही पीछे हट जाएगा जिसके कारण बाद में लगेगा कि मौका चला गया।।यही चीज इस योग में ज्यादा देखने को मिलती है और अगर चंद्रमा कमजोर हो जैसे उस पर बुरे ग्रहों का असर हो तो यह स्थिति और ज्यादा बढ़ जाती है।।ऐसे में व्यक्ति जल्दी घबरा जाता है निर्णय नहीं ले पाता और सही समय पर कदम नहीं उठा पाता।। इसलिए मौके हाथ से निकल जाते हैं।।लेकिन अगर चंद्रमा मजबूत और शुभ स्थिति में हो तो यही व्यक्ति बहुत अच्छा कर सकता है।।वह लोगों को समझता है समय को पहचानता है और सही मौके पर सही निर्णय लेता है।।ऐसे लोग अपने काम में लोकप्रिय भी होते हैं।।एक और जरूरी बात समझनी चाहिए कि यह व्यक्ति हर काम नहीं कर सकता उसे वही काम करना होता है जिसमें उसका मन लगे।।अगर मन नहीं जुड़ा तो वह टिक नहीं पाएगा चाहे मौका कितना भी अच्छा क्यों न हो।।इसलिए सही बात यह है कि दशम भाव का चंद्रमा अवसर गंवाने का योग नहीं बनाता है बल्कि यह दिखाता है कि व्यक्ति का काम उसके मन पर निर्भर है।।अगर मन स्थिर है, तो वही व्यक्ति बड़े मौके पकड़ता है और अगर मन डगमगाता है, तो छोटे मौके भी हाथ से निकल जाते हैं।।
अंत में बात बहुत सरल है ऐसे व्यक्ति के लिए सफलता का रास्ता बाहर नहीं उसके अपने मन के अंदर से होकर जाता है।।जो अपने मन को संभाल लेता है वह अपने काम और अवसर दोनों को संभाल लेता है।।
देवगुरु बृहस्पति या शुभ शुक्र से युति,दृष्टि अथवा कैसे भी चंद्रमा का संबंध हो जाए तो ऐसा जातक अवसर को बड़ी कुशलता से उपयोग भी कर लेता है।।
डॉ सुशील कश्यप
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