मांगलिक दोष – अभिशाप या शक्ति?
मांगलिक दोष – अभिशाप या शक्ति? समाज ने “मांगलिक” शब्द को डर से जोड़ दिया है। कहा जाता है कि मांगलिक व्यक्ति से शादी करने पर जीवनसाथी को खतरा होता है। पर ज्योतिष का गहरा सच इससे अलग है। मांगलिक होना कोई बीमारी नहीं, बल्कि मंगल ग्रह की तीव्र ऊर्जा का शरीर और मन में उतर आना है। मंगल अग्नि है। वही अग्नि जो लोहे को पिघलाती भी है और तलवार भी बनाती है। मांगलिक व्यक्ति के भीतर यही अग्नि ज्यादा होती है। इसलिए वे सामान्य लोगों से ज्यादा तेज, साहसी, भावुक और क्रियाशील होते हैं। वे जल्दी प्रतिक्रिया करते हैं, जल्दी गुस्सा भी होते हैं और जल्दी प्रेम भी करते हैं। यही कारण है कि उनके रिश्तों में तीव्रता अधिक होती है – चाहे वह लड़ाई हो या आकर्षण। यह समझना बहुत जरूरी है कि “मांगलिक से मांगलिक की शादी” कोई अंधविश्वास नहीं बल्कि ऊर्जा-संतुलन का सिद्धांत है। अगर एक व्यक्ति में मंगल की ऊर्जा बहुत ज्यादा है और दूसरा बहुत शांत, तो टकराव तय है। मानसिक, शारीरिक और यहां तक कि दांपत्य जीवन में भी असंतुलन बनता है। पर जब दो लोगों की मंगल-ऊर्जा बराबर होती है, तो वही तीव्रता आपसी समझ, आकर्षण और मजबूत रिश्ते में बदल ...