राहु की महादशा
ज्योतिष के जानकारों और छात्रों के लिए सबसे रोचक विषय अगर कोई है तो वह है राहु। जिन लोगों को ज्योतिष की गहरी जानकारी नहीं होती, उनके भीतर भी राहु को लेकर एक अलग तरह का भय देखने को मिलता है। सच तो यह है कि राहु ज्योतिष का सबसे रहस्यमयी ग्रह माना जाता है। इसे अंधकार का प्रतीक भी कहा गया है। कई लोग राहु को कलयुग का राजा तक कहते हैं, क्योंकि कलयुग में झूठ, नकारात्मकता और धोखे का प्रभाव अधिक दिखाई देता है। आज हम बात कर रहे हैं राहु की महादशा की। राहु की महादशा पूरे 18 वर्ष की होती है। जीवन के ये 18 वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। विषय बहुत विस्तृत है, इसलिए इसे दो भागों में समझना उचित रहेगा। इस भाग में चर्चा करेंगे कि राहु महादशा शुरू होते ही जातक के जीवन में किस प्रकार के परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। राहु भ्रम का कारक है। महादशा के प्रारंभ में अक्सर जातक मानसिक रूप से भ्रमित होने लगता है। उसे लगने लगता है कि वही सही है और बाकी सभी गलत हैं। एक प्रकार का आत्मविश्वास और जिद उसके स्वभाव में आ सकती है। राहु का स्वभाव झूले की तरह है—एक पल में ऊँचाइयों पर पहुंचा देना और अगले ही पल नीचे ...