क्या बुध की दशा में भी मानसिक तनाव हो सकता है???
क्या बुध की दशा में भी मानसिक तनाव हो सकता है??? जब भी मन की चंचलता की बात होती है, तो लोग सीधे चंद्रमा को जिम्मेदार मान लेते है लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है।।चंद्रमा मन को अनुभव कराता है जबकि बुध उस अनुभव को सोच में बदलता है।।इसलिए मन की असली हलचल बुध से भी जुड़ी होती है।।आपने कभी ध्यान दिया होगा मन कभी कभी बिना रुके चलता रहता है।।एक विचार आया फिर दूसरा फिर तीसरा और कुछ ही समय में मन थकने लगता है।।यही मानसिक चंचलता है और यह तभी अधिक होती है जब बुध असंतुलित हो।।बुध का स्वभाव ही चलायमान है।।वह स्थिर नहीं रह सकता इसलिए जिन लोगों का बुध सक्रिय होता है उनका दिमाग हमेशा कुछ न कुछ सोचता रहता है।।वे जल्दी समझते हैं जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं और हर चीज़ को जल्दी पकड़ लेते हैं।।यह एक गुण है लेकिन तभी तक जब तक उसमें संतुलन है।।समस्या तब शुरू होती है जब सोच की गति तो तेज हो जाती है लेकिन उसमें दिशा नहीं रहती।।फिर वही मन हर छोटी बात को बार-बार सोचता है।।एक निर्णय लिया फिर उस पर संदेह हुआ फिर दूसरा विचार आया।।यह प्रक्रिया चलती रहती है और धीरे धीरे व्यक्ति खुद ही अपने विचारों में उलझ जाता है।।यदि बु...