तुला लग्न
तुला लग्न के जातक सामान्यतः शांत विनम्र और मिलनसार होते हैं।।वे झगड़े पसंद नहीं करते और जीवन में संतुलन बनाए रखना चाहते हैं।।
उनकी इच्छा होती है कि सभी लोग साथ रहें और संबंध अच्छे बने रहें।।लेकिन कई बार यही गुण उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाता है।।तुला लग्न के लोग अक्सर निर्णय लेते समय केवल अपने बारे में नहीं सोचते अपितु वे यह भी सोचते हैं कि इससे दूसरे लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा इससे कौन खुश होगा और कौन नाराज़ होगा।।समस्या तब शुरू होती है जब वे दूसरों की भावनाओं को अपनी आवश्यकताओं से अधिक महत्व देने लगते हैं।।कई बार वे अपनी बात खुलकर नहीं कहते।।उन्हें डर रहता है कि कहीं सामने वाला बुरा न मान जाए और
इसलिए वे मन की बात मन में ही दबा लेते हैं जिसके कारण धीरे धीरे भीतर असंतोष बढ़ने लगता है।बाहर से सब बेशक ठीक दिखाई देता है लेकिन भीतर व्यक्ति थका हुआ और परेशान महसूस कर सकता है।।तुला लग्न के जातक अक्सर किसी निर्णय को लेने में भी अधिक समय लगा देते हैं क्योंकि वे हर पक्ष को देखते हैं हर संभावना पर विचार करते हैं और सही विकल्प खोजते रहते हैं लेकिन कई बार इसी कारण अच्छे अवसर भी हाथ से निकल जाते हैं।।जीवन की एक सच्चाई यह है कि हर व्यक्ति हर एक को कभी भी खुश नहीं रख सकता।।कभी न कभी ऐसा निर्णय लेना ही पड़ता है जिससे कोई न कोई असहमत होता ही है।।
तुला लग्न के लिए सबसे महत्वपूर्ण सीख यही है कि दूसरों का सम्मान करें लेकिन स्वयं को न भूलें।।दूसरों की बात सुनें लेकिन अपनी आवाज़ भी सुनें और जब तुला लग्न का जातक यह संतुलन सीख लेता है तब वह बहुत अच्छा सलाहकार मध्यस्थ और न्यायप्रिय व्यक्ति बन सकता है।।
वह लोगों को जोड़ने की क्षमता रखता है और कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित सोच बनाए रख सकता है।।
तुला लग्न के लिए सबसे जरूरी है कि बेशक संतुलन बनाए रखो लेकिन संतुलन के नाम पर स्वयं को मत खोओ क्योंकि जो स्वयं के साथ न्याय नहीं कर सकता, वह दूसरों के साथ भी पूर्ण न्याय नहीं कर सकता।।
डॉ सुशील कश्यप
Comments
Post a Comment