वृश्चिक लग्न
वृश्चिक लग्न वाले जातक स्वभाव से गंभीर गहरे और भावनात्मक रूप से मजबूत होते हैं।।ये किसी भी बात को हल्के में नहीं लेते और किसी व्यक्ति संबंध या परिस्थिति को समझने का प्रयास करते हैं और अक्सर बातों की गहराई तक जाना चाहते हैं।।इनके भीतर इच्छाशक्ति भी अच्छी होती है और यदि किसी कार्य को करने का निश्चय कर लें तो उसे पूरा करने का प्रयास करते हैं लेकिन इनके कुछ स्वभाव ऐसे भी होते हैं जो कई बार इनके लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।।
वृश्चिक लग्न की सबसे बड़ी गलती होती है बातों को मन में दबाकर रखना और पुरानी बातों को छोड़ न पाना क्योंकि ऐसे जातक कई बार अपने मन की बात खुलकर नहीं कहते यदि कोई बात उन्हें दुख पहुँचाए किसी अपने से निराशा मिले या किसी पर विश्वास टूट जाए तो वे उस बात को लंबे समय तक याद रख सकते हैं।।बाहर से सामान्य दिखाई देने पर भी मन में वह बात चलती रह सकती है।।कई बार ये सोचते हैं कि अपनी कमजोरी किसी को नहीं दिखानी चाहिए।।इसलिए अपने दुख और चिंताओं को भी मन में ही रखते हैं और धीरे धीरे यही आदत मन को भारी बना सकती है।।इनमें एक और प्रवृत्ति देखी जाती है कि ये लोगों पर जल्दी विश्वास नहीं करते अपितु ये किसी को समझने और अपनाने में समय लेते हैं।।यह सावधानी अच्छी है लेकिन यदि हर व्यक्ति पर संदेह किया जाए तो संबंधों में दूरी आने लगती है।।कई बार वृश्चिक लग्न वाले पुरानी घटनाओं को बार बार याद करते रहते हैं।।किसी की कही हुई बात पुराना विवाद या पुराना दुख मन में बना रह सकता है जबकि जीवन आगे बढ़ने का नाम है।।जो बात बीत चुकी है उसे हमेशा पकड़े रखना मन की शांति को कम कर सकता है।।
इन जातकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे अपने मन की बात किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करना सीखें।।हर भावना को भीतर दबाकर रखना आवश्यक नहीं है अपितु कुछ बातें कह देने से मन हल्का हो जाता है।।साथ ही क्षमा करना और छोड़ना भी सीखना चाहिए और इसका अर्थ यह भी नहीं है कि गलत बात को सही मान लिया जाए अपितु इसका अर्थ है कि पुरानी बातों का बोझ अपने मन पर न रखा जाए।।वृश्चिक लग्न वाले जातकों में गहरी समझ दृढ़ता और कठिन समय में संभलकर चलने की क्षमता होती है।।यदि वे मन की कठोरता कम करें पुरानी बातों को छोड़ना सीखें और संबंधों में थोड़ा खुलापन रखें तो उनका जीवन अधिक संतुलित और शांत हो सकता है।।अतः वृश्चिक लग्न वाले जातकों के लिए एक ही सलाह और संदेश है कि हर बात को मन में मत रखिए अपितु कुछ बातों को समय पर छोड़ देना भी आवश्यक है क्योंकि मन जितना हल्का होगा जीवन उतना ही सहज लगेगा।।
डॉ सुशील कश्यप
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