मेष लग्न
मेष लग्न
मेष लग्न के जातक सामान्यतः सक्रिय और उत्साही स्वभाव के होते हैं।। इन्हें जीवन में आगे बढ़ना अच्छा लगता है और एक जगह रुककर बैठना या बहुत अधिक इंतजार करना इनके स्वभाव में कम देखा जाता है।।ऐसे लोग अक्सर अपने दम पर कुछ करने की इच्छा रखते हैं।।इन्हें यह अच्छा लगता है कि जो भी मिले वह अपने प्रयासों से मिले और इसलिए ये दूसरों पर कम और स्वयं पर अधिक भरोसा करने की कोशिश करते हैं।।
मेष लग्न का स्वामी मंगल है।।इसलिए इनमें कार्य करने की ऊर्जा अच्छी हो सकती है।।ये किसी काम को शुरू करने में देर नहीं लगाते और कई बार सोचने से पहले ही काम शुरू कर देते हैं।।इन्हें स्वतंत्रता पसंद होती है और अपने निर्णय स्वयं लेना और अपने तरीके से काम करना इन्हें अच्छा लगता है।।यदि कोई बार बार रोकने या नियंत्रित करने की कोशिश करे तो इन्हें असहज महसूस हो सकता है।।मेष लग्न वाले लोग चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करने का प्रयास करते हैं।। कठिन समय में भी वे कुछ न कुछ करने की कोशिश करते रहते हैं यही गुण इन्हें आगे बढ़ने में सहायता करता है लेकिन इनकी सबसे बड़ी चुनौती जल्दबाजी हो सकती है।।कई बार ये परिणाम जल्दी चाहते हैं काम में देरी होने पर बेचैनी या क्रोध भी आ सकता है इसलिए धैर्य सीखना इनके लिए महत्वपूर्ण होता है।।संबंधों में भी इन्हें यह समझना चाहिए कि हर व्यक्ति एक जैसी गति से नहीं चलता कभी कभी दूसरों की बात सुनना और उन्हें समझना भी आवश्यक होता है।।मेष लग्न की सबसे बड़ी शक्ति उसका साहस और पहल करने की क्षमता है और सबसे बड़ी सीख है धैर्य और संतुलन बनाए रखना।।
अतः मेष लग्न के जातकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए।।क्रोध आने पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें इस का प्रयास अवश्य करते रहें।।हर काम को थोड़ा समय दें और सोच-समझकर निर्णय लें।। यही मेष लग्न के लिए संतुलन का मार्ग है।।
डॉ सुशील कश्यप
Comments
Post a Comment